मध्य पूर्व में बढ़ते ईरान-इज़रायल तनाव का असर अब दुनिया के कई देशों में दिखाई देने लगा है। युद्ध की आशंका और क्षेत्र में बढ़ती अस्थिरता के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसी बीच भारत के कुछ शहरों में घरेलू LPG सिलेंडर को लेकर लोगों में हलचल देखी जा रही है। कई जगहों पर गैस एजेंसियों के बाहर सिलेंडर लेने के लिए लोगों की भीड़ भी देखने को मिली है। सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेज हो गई है कि आने वाले दिनों में LPG की कमी हो सकती है, जिसके चलते लोग पहले से ही सिलेंडर बुक कराने और भरवाने के लिए एजेंसियों की ओर दौड़ रहे हैं।
हालांकि सरकार और तेल कंपनियों ने इस तरह की खबरों को लेकर स्थिति साफ की है। अधिकारियों का कहना है कि देश में घरेलू LPG की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और किसी भी तरह की कमी की स्थिति नहीं है। भारत में LPG की आपूर्ति के लिए मजबूत व्यवस्था मौजूद है और देश के पास पर्याप्त भंडार भी है। इसलिए लोगों को घबराने या जरूरत से ज्यादा सिलेंडर जमा करने की आवश्यकता नहीं है। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल अपनी सामान्य जरूरत के अनुसार ही सिलेंडर का उपयोग करें।

ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बढ़ने से तेल और गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव जरूर हो सकता है, लेकिन इसका सीधा असर तुरंत घरेलू LPG की उपलब्धता पर नहीं पड़ता। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए कई देशों से तेल और गैस आयात करता है, जिससे आपूर्ति पर किसी एक क्षेत्र की स्थिति का बहुत ज्यादा असर नहीं पड़ता। फिर भी वैश्विक बाजार की स्थिति पर सरकार और संबंधित कंपनियां लगातार नजर बनाए हुए हैं।
इधर सोशल मीडिया पर फैल रही खबरों ने लोगों की चिंता जरूर बढ़ा दी है। कई शहरों में लोगों ने एहतियात के तौर पर पहले ही सिलेंडर भरवाने का प्रयास किया, जिसके कारण एजेंसियों पर भीड़ देखने को मिली। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की अफवाहें अक्सर संकट की स्थिति में तेजी से फैल जाती हैं और लोगों में अनावश्यक घबराहट पैदा कर देती हैं।
सरकार ने साफ किया है कि देश में LPG की सप्लाई व्यवस्था पूरी तरह सुचारु है और लोगों को किसी भी तरह की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसलिए नागरिकों से अपील की गई है कि वे अफवाहों से बचें और सही जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें। वहीं प्रशासन भी सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक खबरों पर नजर रख रहा है, ताकि लोगों के बीच किसी तरह की गलतफहमी न फैले।

