गाजियाबाद में ट्रैफिक जाम से परेशान लोगों के लिए बड़ी योजना सामने आई है। शहर में नए फ्लाईओवर और एलिवेटेड रोड बनाने की तैयारी की जा रही है, जिससे शहीद स्थल, भाटिया मोड़, लाल कुआं और दादरी की ओर आवाजाही आसान हो सकती है। ग्रीन मोबिलिटी कॉरिडोर से लेकर डबल-डेकर फ्लाईओवर तक, शहर के ट्रैफिक नेटवर्क को बदलने की योजना है। लेकिन कौन-से रास्ते प्रस्तावित हैं और किन परियोजनाओं पर अभी काम बाकी है? आगे पढ़ें पूरी खबर।

शहीद स्थल से NH-9 तक ग्रीन मोबिलिटी कॉरिडोर
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) शहीद स्थल यानी न्यू बस अड्डा क्षेत्र से NH-9 तक ग्रीन मोबिलिटी कॉरिडोर बनाने की तैयारी कर रहे हैं।
इस योजना का उद्देश्य शहर के अंदर ट्रैफिक दबाव कम करना और भारी वाहनों को भीड़भाड़ वाले इलाकों से बाहर निकालने के लिए बेहतर मार्ग उपलब्ध कराना है। शहीद स्थल पर मेट्रो, बस अड्डा और नमो भारत का संपर्क होने के कारण यह क्षेत्र महत्वपूर्ण परिवहन केंद्र है।
ठाकुरद्वारा फ्लाईओवर को दो से चार लेन करने की योजना
रिपोर्ट के मुताबिक, मौजूदा दो लेन वाले ठाकुरद्वारा फ्लाईओवर को चार लेन का करने की योजना है। इसके दोनों ओर अतिरिक्त लेन जोड़ने का प्रस्ताव है। इस मार्ग को आगे भाटिया मोड़ तक जोड़ने की संभावना पर भी काम किया जा रहा है।
इससे GT रोड पर वाहनों की आवाजाही बेहतर हो सकती है और आसपास के व्यस्त चौराहों पर जाम कम करने में मदद मिल सकती है।
लाल कुआं पर डबल-डेकर फ्लाईओवर का प्रस्ताव
NH-9 पर लाल कुआं के पास डबल-डेकर फ्लाईओवर बनाने की तैयारी भी रिपोर्ट में बताई गई है। प्रस्ताव के तहत मौजूदा रोड ओवरब्रिज और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के ऊपर नया मार्ग विकसित करने की संभावना तलाशी जा रही है।
इससे नोएडा और अलीगढ़ की ओर जाने वाले वाहनों को अधिक सीधा रास्ता मिल सकता है। हालांकि, योजना के अंतिम डिजाइन और मंजूरी की स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।
घंटाघर से भाटिया मोड़ तक एलिवेटेड रोड
गाजियाबाद के घंटाघर स्थित रामलीला मैदान से भाटिया मोड़ तक करीब दो किलोमीटर लंबे चार लेन के एलिवेटेड रोड का प्रस्ताव भी है। रिपोर्ट में इसकी अनुमानित लागत करीब 200 करोड़ रुपये बताई गई है।
इसके अलावा हापुड़ चुंगी के आसपास जाम कम करने के लिए ALT सेंटर से शास्त्री नगर तक एलिवेटेड रोड की तैयारी और लाल कुआं से दादरी तक हाईस्पीड कनेक्टिविटी का प्रस्ताव भी सामने आया है।
क्या शहर में जाम से मिलेगी राहत?
इन योजनाओं का उद्देश्य GT रोड, लाल कुआं और शहर के दूसरे व्यस्त हिस्सों में ट्रैफिक का दबाव कम करना है। एलिवेटेड मार्ग बनने से कुछ वाहनों को चौराहों और स्थानीय सड़कों से ऊपर होकर गुजरने का विकल्प मिल सकता है।
लेकिन सभी परियोजनाएं अभी निर्माणाधीन नहीं हैं। कई प्रस्तावों के लिए संबंधित एजेंसियों की बैठक, तकनीकी परीक्षण, डिजाइन और मंजूरी की प्रक्रिया बाकी है। इसलिए इनके पूरा होने की समयसीमा अभी निश्चित नहीं कही जा सकती है।

