बॉलीवुड अभिनेत्री Kriti Sanon एक बार फिर अपने रक्षाबंधन विज्ञापन को लेकर चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने उस विवाद पर खुलकर बात की है, जिसने उनके पहनावे को लेकर बड़ी बहस छेड़ दी थी। Kriti के मुताबिक, संस्कृति और परंपराओं की बात करने वाले कुछ लोगों ने उनके माता-पिता और बहन की पोस्ट पर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। आखिर विज्ञापन में ऐसा क्या था, जिस पर इतना विवाद हुआ और अब अभिनेत्री ने क्या कहा? आगे पढ़ें पूरी खबर।

करीति सेनन ने विवाद पर तोड़ी चुप्पी
Kriti Sanon ने अभिनेत्री Kareena Kapoor के चैट शो What Women Want में रक्षाबंधन के विज्ञापन को लेकर हुए विवाद पर अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि आमतौर पर वह ऑनलाइन ट्रोलिंग पर ध्यान नहीं देतीं, लेकिन जब उनके पहनावे को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस होने लगी, तो उन्हें इस मुद्दे पर बोलना जरूरी लगा।
Kriti का कहना था कि यह मामला सिर्फ उनके कपड़ों तक सीमित नहीं था, बल्कि इससे यह सवाल भी उठता है कि महिलाओं को उनके पहनावे और निजी फैसलों के लिए लगातार क्यों निशाना बनाया जाता है।
परिवार के सदस्यों को भी किया गया ट्रोल
अभिनेत्री ने बताया कि उन्हें सबसे ज्यादा दुख तब हुआ, जब उनके माता-पिता और बहन की सोशल मीडिया पोस्ट पर भी अभद्र टिप्पणियां की गईं। उन्होंने कहा कि जो लोग संस्कृति और सम्मान की बात कर रहे थे, उन्हीं में से कुछ लोग उनके परिवार के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहे थे।
Kriti के मुताबिक, उनकी बहन ने उन्हें कमेंट्स बंद करने की सलाह भी दी थी। हालांकि, अभिनेत्री का सवाल था कि आखिर उन्हें ऐसा करने की जरूरत क्यों पड़े? उनका मानना है कि किसी महिला के कपड़ों को लेकर असहमति जताने का मतलब यह नहीं होना चाहिए कि उसके परिवार को भी निशाना बनाया जाए।
किस विज्ञापन को लेकर हुआ था विवाद?
यह विवाद रक्षाबंधन से पहले ज्वेलरी ब्रांड GIVA के एक विज्ञापन के बाद शुरू हुआ था। इसमें Kriti Sanon इंडो-वेस्टर्न पोशाक में अपने भाई को राखी बांधती नजर आई थीं। विज्ञापन में वह अपने पालतू कुत्ते को भी राखी बांधती दिखाई दी थीं।
कुछ लोगों ने उनके पहनावे और विज्ञापन की प्रस्तुति पर आपत्ति जताई। इसके बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई। अभिनेत्री Kangana Ranaut ने भी विज्ञापन की आलोचना की थी। बढ़ते विवाद के बीच ब्रांड ने विज्ञापन को अपने सभी माध्यमों से हटा लिया था।
कपड़ों से संस्कृति तय करने पर Kriti ने उठाए सवाल
इससे पहले Kriti ने सोशल मीडिया पर भी अपनी बात रखी थी। उन्होंने कहा था कि त्योहारों का महत्व कपड़ों से नहीं, बल्कि उनसे जुड़ी भावनाओं और परंपराओं से तय होता है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया था कि महिलाओं के पहनावे को उनकी संस्कृति और सम्मान से जोड़कर क्यों देखा जाता है।
Kriti का मानना है कि महिलाओं को अपने कपड़ों और निजी जीवन से जुड़े फैसले लेने की आजादी होनी चाहिए। उनके अनुसार, किसी महिला के चुनाव से असहमति होने पर भी उसके प्रति सम्मान बनाए रखना जरूरी है।
महिलाओं को लेकर दोहरे रवैये पर जताई नाराजगी
Kriti ने बातचीत में इस बात पर भी जोर दिया कि सार्वजनिक जीवन में महिलाओं को अक्सर उनके पहनावे, शरीर और निजी फैसलों के आधार पर आंका जाता है। उन्होंने कहा कि कलाकार भी इंसान हैं और लगातार होने वाली नकारात्मक टिप्पणियां उन्हें प्रभावित करती हैं।
अभिनेत्री की इस बातचीत ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग, महिलाओं की पसंद और त्योहारों की परंपराओं को लेकर बहस छेड़ दी है।

