अहोई अष्टमी का व्रत रखने वाली महिलाओं को शाम होते ही तारों के निकलने का इंतजार रहता है। मान्यता है कि तारों को अर्घ्य देने के बाद ही व्रत का पारण किया जाता है। लेकिन अगर आसमान में बादल छाए हों या प्रदूषण के कारण तारे दिखाई न दें, तो क्या व्रत खोलने के लिए इंतजार करना होगा? ऐसी स्थिति में क्या उपाय अपनाए जा सकते हैं और पूजा किस तरह करनी चाहिए? आगे पढ़ें पूरी खबर।

तारे दिखाई न दें तो कैसे खोलें अहोई अष्टमी का व्रत?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अहोई अष्टमी पर तारों को अर्घ्य देने का विशेष महत्व है। लेकिन मौसम खराब होने या आसमान में बादल छाए रहने के कारण तारे नजर न आएं, तो सबसे पहले अपने शहर में तारों के दर्शन का निर्धारित समय जान लें।
अगर तय समय पर भी तारे दिखाई नहीं देते हैं, तो उस समय तारों का स्मरण करते हुए जल अर्पित करने की परंपरा अपनाई जा सकती है। इस दौरान अहोई माता का ध्यान करें और संतान की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और सुख-समृद्धि की कामना करें।
पानी में दूध मिलाकर दें अर्घ्य
तारे दिखाई न देने की स्थिति में एक लोटे में जल लेकर उसमें थोड़ा दूध मिला सकती हैं। इसके बाद आसमान की ओर मुख करके अहोई माता और तारों का ध्यान करें। संतान की खुशहाली की प्रार्थना करते हुए जल अर्पित करें। इसके बाद अपने परिवार की परंपरा के अनुसार व्रत का पारण कर सकती हैं।
ध्यान रखें कि अलग-अलग परिवारों और क्षेत्रों में व्रत खोलने की परंपराएं अलग हो सकती हैं। इसलिए अपने घर में चली आ रही मान्यता को प्राथमिकता देना बेहतर है।
क्या वीडियो कॉल पर तारे देखकर खोल सकते हैं व्रत?
अगर आपके शहर में बादलों की वजह से तारे दिखाई नहीं दे रहे हैं, लेकिन किसी दूसरे शहर में आसमान साफ है, तो कुछ परिवार वीडियो कॉल के जरिए वहां से तारों के दर्शन करने का विकल्प अपनाते हैं। हालांकि, इसे सभी के लिए अनिवार्य धार्मिक नियम नहीं माना जाता। इस मामले में अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार निर्णय लेना उचित है।
अहोई अष्टमी पर कैसे करें तारों की पूजा?
– शाम को अहोई माता की तस्वीर या चित्र के सामने पूजा की तैयारी करें।
– दीपक जलाकर फल, मिठाई और अन्य पूजन सामग्री अर्पित करें।
– तारों के दर्शन के समय एक लोटे में जल लेकर उसमें थोड़ा दूध मिला लें।
– तारे दिखाई देने पर उन्हें जल अर्पित करें।
– संतान की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करें।
– अंत में अहोई माता की आरती करें और परिवार के बड़ों का आशीर्वाद लें।
अहोई अष्टमी 2026: पूजा और तारों के दर्शन का समय
इस साल अहोई अष्टमी का व्रत 1 नवंबर 2026, रविवार को रखा गया है। नई दिल्ली के लिए बताए गए प्रमुख समय इस प्रकार हैं:
– अष्टमी तिथि शुरू: 1 नवंबर, दोपहर 2:51 बजे
– अष्टमी तिथि समाप्त: 2 नवंबर, दोपहर 1:10 बजे
– पूजा का शुभ मुहूर्त: शाम 5:36 बजे से 6:54 बजे तक
– तारों के दर्शन का समय: शाम करीब 6 बजे
– चंद्रोदय का समय: रात करीब 11:40 बजे
ये समय नई दिल्ली के लिए हैं। दूसरे शहरों में समय में अंतर हो सकता है, इसलिए स्थानीय पंचांग के अनुसार समय देखना जरूरी है।
कुछ परिवारों में चंद्रमा देखकर खोला जाता है व्रत
अहोई अष्टमी का व्रत सामान्य तौर पर तारों को अर्घ्य देने के बाद खोला जाता है। हालांकि, कुछ परिवारों में चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोलने की परंपरा भी है। ऐसे में जिन घरों में चंद्रमा देखकर पारण करने का रिवाज है, वे अपने परिवार की मान्यता के अनुसार चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोल सकते हैं।

