अगर आप नियमित एक्सरसाइज करते हैं, संतुलित खाना खाते हैं और आपकी उम्र भी कम है, तो यह जरूरी नहीं कि आपका दिल पूरी तरह सुरक्षित हो। वायु प्रदूषण अब केवल फेफड़ों तक सीमित खतरा नहीं रह गया है। प्रदूषित हवा में मौजूद बेहद छोटे कण हार्ट और रक्त वाहिकाओं को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। खास बात यह है कि इसका असर उन युवाओं पर भी पड़ सकता है, जो खुद को फिट और स्वस्थ मानते हैं। आखिर कैसे जहरीली हवा दिल की सेहत को प्रभावित करती है और इससे बचने के लिए क्या सावधानियां जरूरी हैं? आगे पढ़ें पूरी खबर।

PM2.5 के छोटे कण कैसे पहुंचाते हैं दिल को नुकसान?
हवा में मौजूद PM2.5 जैसे सूक्ष्म प्रदूषण कण इतने छोटे होते हैं कि सांस के जरिए फेफड़ों के भीतर तक पहुंच सकते हैं। इनके संपर्क में आने से शरीर में सूजन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ सकता है। इसका असर रक्त वाहिकाओं और हृदय की कार्यप्रणाली पर भी पड़ता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, लंबे समय तक प्रदूषित हवा के संपर्क में रहने से ब्लड प्रेशर बढ़ने, धमनियों में चर्बी जमने की प्रक्रिया तेज होने और रक्त वाहिकाओं की कार्यक्षमता प्रभावित होने का खतरा रहता है। इससे हार्ट अटैक, स्ट्रोक और दिल की धड़कन अनियमित होने जैसी समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है।
फिट और युवा होने के बावजूद क्यों रहें सावधान?
कई लोग मानते हैं कि कम उम्र, सामान्य वजन और रोजाना व्यायाम करने से हार्ट संबंधी बीमारियों का खतरा नहीं रहता। लेकिन प्रदूषण इस धारणा को चुनौती देता है।
अगर कोई व्यक्ति रोजाना ट्रैफिक के बीच सफर करता है, व्यस्त सड़कों के किनारे रहता है या लंबे समय तक प्रदूषित वातावरण में काम करता है, तो वह लगातार हानिकारक कणों के संपर्क में रह सकता है।
दिल्ली के सीके बिड़ला अस्पताल के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अंशुल कुमार जैन के अनुसार, प्रदूषण का असर शारीरिक रूप से स्वस्थ युवाओं पर भी पड़ सकता है। कुछ अध्ययनों में स्वस्थ किशोरों और युवाओं में भी प्रदूषण के संपर्क के साथ दिल की धड़कन अनियमित होने की आशंका देखी गई है।
क्या प्रदूषण में बाहर एक्सरसाइज करना खतरनाक है?
एक्सरसाइज दिल को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी है, लेकिन हवा की गुणवत्ता बहुत खराब होने पर बाहर तेज दौड़ना, साइकिल चलाना या हाई-इंटेंसिटी वर्कआउट करना नुकसानदायक हो सकता है।
व्यायाम के दौरान सांस लेने की गति बढ़ जाती है। ऐसे में अधिक मात्रा में प्रदूषित हवा शरीर के भीतर पहुंच सकती है। इसलिए बाहर वर्कआउट करने से पहले AQI जरूर जांचें। प्रदूषण का स्तर बहुत खराब होने पर घर के अंदर व्यायाम करना बेहतर विकल्प हो सकता है।
हार्ट को प्रदूषण से बचाने के लिए अपनाएं ये सावधानियां
– बाहर व्यायाम करने से पहले अपने इलाके का AQI जांचें।
– प्रदूषण बहुत अधिक होने पर इंडोर वर्कआउट को प्राथमिकता दें।
– व्यस्त सड़कों और अधिक ट्रैफिक वाले रास्तों पर दौड़ने से बचें।
– पीक ट्रैफिक के समय बाहर शारीरिक गतिविधियां करने से बचें।
– नियमित रूप से ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल की जांच कराएं।
– सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी या असामान्य धड़कन होने पर चिकित्सकीय सलाह लें।
सिर्फ फिटनेस नहीं, साफ हवा भी है जरूरी
दिल को स्वस्थ रखने के लिए अच्छा खानपान और नियमित व्यायाम जरूरी हैं, लेकिन प्रदूषण से बचाव को भी उतनी ही अहमियत देनी होगी। कम उम्र या अच्छी फिटनेस प्रदूषित हवा के प्रभाव से पूरी सुरक्षा की गारंटी नहीं देती। इसलिए अपनी दिनचर्या में एयर क्वालिटी पर नजर रखना और खराब हवा के दौरान सावधानी बरतना जरूरी है।

