हरियाणा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगी है। सरकार ने जमीन के विकास, विदेश भेजने के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी पर रोक और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े नियमों में बदलाव की दिशा में कदम उठाया है। वहीं, संविधान दिवस पर विधानसभा का विशेष सत्र भी बुलाया जाएगा। इन फैसलों का असर प्रदेश के जमीन मालिकों, ट्रैवल एजेंटों और नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं पर पड़ सकता है। आगे पढ़ें पूरी खबर।

संविधान दिवस पर हरियाणा विधानसभा में होगी विशेष बैठक
हरियाणा सरकार ने 26 नवंबर को संविधान दिवस के अवसर पर विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाने का निर्णय लिया है। इस सत्र में संविधान के महत्व और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कैबिनेट बैठक के बाद जानकारी दी कि बैठक में रखे गए सभी सात प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई है।
ट्रैवल एजेंटों के लिए सरकार ने तय किए नए नियम
विदेश में नौकरी और अन्य सेवाएं दिलाने के नाम पर युवाओं के साथ होने वाली धोखाधड़ी को रोकने के लिए हरियाणा सरकार ने ट्रैवल एजेंट पंजीकरण एवं विनियमन नियम-2026 को मंजूरी दी है।
इसके तहत प्रदेश में काम करने वाले नए और पहले से संचालित ट्रैवल एजेंटों को पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। एजेंटों को अपनी प्रत्येक शाखा के लिए अलग से रजिस्ट्रेशन लेना पड़ेगा।
पासपोर्ट सेवाओं, टूर-ट्रैवल, स्टडी वीजा कंसल्टेंसी और टिकटिंग जैसी सेवाओं के लिए अलग-अलग श्रेणियों में पंजीकरण की व्यवस्था होगी। पुलिस सत्यापन रिपोर्ट मिलने के बाद 30 दिनों के भीतर प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। इसकी वैधता तीन साल रहेगी।
जमीन देने वालों को मिलेगा 50 प्रतिशत विकसित क्षेत्र
कैबिनेट ने लैंड पूलिंग पॉलिसी-2026 को भी मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य विकास परियोजनाओं के लिए जमीन जुटाने की प्रक्रिया को व्यवस्थित और सरल बनाना है।
नीति के तहत स्वीकृत लेआउट प्लान में कुल बिक्री योग्य क्षेत्र का 50 प्रतिशत हिस्सा जमीन मालिकों को दिया जाएगा, जबकि बाकी 50 प्रतिशत विकास एजेंसी के हिस्से में आएगा।
जमीन मालिकों को चार साल तक प्रति एकड़ सालाना एक लाख रुपये की अंतरिम वित्तीय सहायता भी दी जाएगी। यह राशि जमीन के योगदान के अनुपात में मिलेगी और सेल डीड के पंजीकरण की तारीख से इसका भुगतान शुरू होगा।
प्लॉट के न्यूनतम आकार इस प्रकार होंगे:
– आवासीय प्लॉट: 100 वर्ग मीटर
– संस्थागत प्लॉट: 500 वर्ग मीटर
– औद्योगिक प्लॉट: 250 वर्ग मीटर
इसके अलावा लैंड एंटाइटलमेंट सर्टिफिकेट रखने वाले जमीन मालिक अपने प्रमाणपत्रों को मिलाकर बड़े विकसित प्लॉट के लिए संयुक्त आवेदन कर सकेंगे।
TDR प्रमाणपत्र का दायरा बढ़ाने का फैसला
सरकार ने ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स यानी TDR नीति में भी संशोधन को मंजूरी दी है। अब TDR प्रमाणपत्र का मूल्य आवेदन जमा करने की तारीख पर लागू औसत कलेक्टर रेट के आधार पर निर्धारित किया जाएगा।
पहले TDR के इस्तेमाल का दायरा संबंधित विकास योजना तक सीमित था, लेकिन संशोधन के बाद इसका उपयोग हरियाणा की किसी भी कम संभावित विकास योजना में किया जा सकेगा। इससे TDR प्रमाणपत्रों के इस्तेमाल के विकल्प बढ़ेंगे।
जूनियर लेक्चर असिस्टेंट की भर्ती के लिए बदली योग्यता
कैबिनेट ने हरियाणा एजुकेशनल कॉलेज कैडर (ग्रुप-C) सेवा नियम, 1986 में संशोधन को भी मंजूरी दी है। इसके तहत जूनियर लेक्चर असिस्टेंट के पद पर सीधी भर्ती और पदोन्नति के लिए निर्धारित विषयों के साथ 12वीं पास होना जरूरी होगा।
उम्मीदवार के पास भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, गणित या जीव विज्ञान में से संबंधित विषय की शैक्षणिक योग्यता होनी चाहिए। इस संशोधन का उद्देश्य पद के अनुरूप शैक्षणिक योग्यता निर्धारित करना है।
सात प्रस्तावों पर लगी कैबिनेट की मुहर
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि बैठक में पेश किए गए सभी सात प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। इनमें विधानसभा का विशेष सत्र, ट्रैवल एजेंटों का अनिवार्य पंजीकरण, लैंड पूलिंग पॉलिसी-2026, TDR नीति में संशोधन और जूनियर लेक्चर असिस्टेंट भर्ती नियमों में बदलाव जैसे फैसले शामिल हैं।
सरकार के इन फैसलों से प्रदेश में जमीन विकास परियोजनाओं, ट्रैवल एजेंसी कारोबार और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े नियमों में बदलाव होगा। अब इन नीतियों के लागू होने और इनके तहत जारी होने वाले विस्तृत दिशा-निर्देशों पर नजर रहेगी।

