दिल्ली के एक निजी स्कूल में पढ़ने वाली 9 साल की छात्रा की अचानक मौत ने स्कूलों में आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं को लेकर बहस छेड़ दी है। बच्ची बिल्कुल सामान्य तरीके से अपनी क्लास में पहुंची थी, लेकिन कुछ ही देर बाद वह अचानक जमीन पर गिर गई। उसे अस्पताल ले जाया गया, मगर डॉक्टर उसे बचा नहीं सके। अब परिवार स्कूल में प्राथमिक उपचार और CPR की व्यवस्था को लेकर जवाब मांग रहा है। आखिर उस दिन स्कूल में क्या हुआ था? आगे पढ़ें पूरी खबर।

PT क्लास के बाद क्लासरूम में गिरी छात्रा
मामला मयूर विहार फेज-2 स्थित Lovely Heritage School का है। नौ वर्षीय बच्ची तीसरी कक्षा में पढ़ती थी। 4 नवंबर की सुबह फिजिकल ट्रेनिंग यानी PT क्लास के बाद वह अपने क्लासरूम में पहुंची। इसी दौरान वह अचानक अपनी टीचर के सामने गिर पड़ी। बच्ची को इस हालत में देखकर स्कूल में मौजूद स्टाफ ने तुरंत उसकी मदद करने की कोशिश की।
CCTV फुटेज में सामने आया घटनाक्रम
इस पूरी घटना का स्कूल में लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हुआ है। फुटेज में बच्ची के अचानक गिरने और टीचर के उसके पास पहुंचने का घटनाक्रम दिखाई देता है। इसके बाद स्कूल स्टाफ ने बच्ची को संभालने की कोशिश की और अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने मामले की जांच के लिए CCTV फुटेज को अपने कब्जे में लिया है।
अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
जानकारी के मुताबिक, बच्ची को पहले नजदीकी निजी अस्पताल ले जाया गया था। वहां से उसे दूसरे अस्पताल में ले जाने की सलाह दी गई। इसके बाद उसे निर्माण विहार स्थित मलिक रेडिक्स हेल्थ केयर पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस मामले में सुबह करीब 9:52 बजे पुलिस को PCR कॉल भी मिली थी।
परिवार ने स्कूल प्रशासन से पूछे सवाल
बच्ची के परिवार ने स्कूल की इमरजेंसी मेडिकल व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। परिजनों का आरोप है कि बच्ची को समय पर CPR और जरूरी प्राथमिक उपचार नहीं मिला। परिवार यह जानना चाहता है कि स्कूल में मेडिकल इमरजेंसी से निपटने के लिए क्या व्यवस्था थी और बच्ची को अस्पताल पहुंचाने में कितना समय लगा। दूसरी तरफ स्कूल प्रशासन का कहना है कि बच्ची को तुरंत अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगी मौत की वजह
शुरुआती तौर पर कार्डियक अरेस्ट की आशंका जताई गई है, लेकिन इसे मौत की अंतिम वजह नहीं माना जा सकता। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। पुलिस CCTV फुटेज, अस्पताल से जुड़ी जानकारी और स्कूल प्रशासन के बयान के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
स्कूलों में इमरजेंसी व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर स्कूलों में प्राथमिक चिकित्सा, प्रशिक्षित स्टाफ और CPR जैसी आपातकालीन सुविधाओं की जरूरत को सामने ला दिया है। अब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि घटना के दौरान स्कूल की ओर से क्या कदम उठाए गए और कहीं कोई लापरवाही हुई या नहीं।

