सरकारी अस्पताल में इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचे मरीज को अगर घंटों इंतजार करना पड़े और फिर उसके साथ मारपीट की घटना सामने आए तो स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठना स्वाभाविक है। हरियाणा के जींद नागरिक अस्पताल की इमरजेंसी से जुड़ा ऐसा ही मामला सामने आया है। एक युवक ने सिक्योरिटी गार्ड पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया। वहीं, डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण लाल मिड्ढा ने अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। आगे पढ़ें पूरी खबर।

इमरजेंसी में दो घंटे इंतजार करने का दावा
मामला जींद के नागरिक अस्पताल का है। रोहतक रोड स्थित भगवान नगर निवासी सन्नी अपनी पत्नी भावना के साथ उपचार के लिए अस्पताल पहुंचा था। दोनों को घर में हुए विवाद के दौरान चोटें आई थीं।
सन्नी के मुताबिक, वे शाम करीब पांच बजे अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचे थे। आरोप है कि करीब दो घंटे तक उन्हें इलाज नहीं मिला। इसके बाद जब उसने डॉक्टर से दवा देने या दूसरे अस्पताल में रेफर करने की बात कही तो विवाद शुरू हो गया।
सिक्योरिटी गार्ड पर थप्पड़-मुक्के मारने का आरोप
पीड़ित का आरोप है कि इमरजेंसी में बार-बार डॉक्टर के पास जाने पर सिक्योरिटी गार्ड ने उसे धमकाया और मारपीट की। सन्नी ने दावा किया कि गार्ड ने उसका गला पकड़कर खींचा और थप्पड़-मुक्के मारे। उसने अपनी पत्नी के साथ भी दुर्व्यवहार किए जाने की बात कही है।
घटना से जुड़ा वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा और इमरजेंसी सेवाओं की निगरानी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। वीडियो में एक व्यक्ति मरीज के साथ हाथापाई करता दिखाई दे रहा है।
डिप्टी स्पीकर ने अस्पताल प्रशासन को घेरा
मामले पर डिप्टी स्पीकर और जींद के विधायक डॉ. कृष्ण लाल मिड्ढा ने नाराजगी जताई। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से घटना की जानकारी ली और मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने की जरूरत पर जोर दिया।
मिड्ढा पहले भी अस्पताल का निरीक्षण कर चुके हैं। उस दौरान उन्होंने इमरजेंसी में मरीजों को इंतजार कराने, डॉक्टरों के व्यवहार और साफ-सफाई से जुड़ी व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए थे। उन्होंने सिविल सर्जन को सुधार के निर्देश भी दिए थे।
अस्पताल प्रशासन ने जांच की कही बात
नागरिक अस्पताल के पीएमओ डॉ. रघुबीर पूनिया के अनुसार, मामले की जानकारी जुटाई जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा, कर्मचारियों के व्यवहार और शिकायतों के निपटारे की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जांच के बाद तय होगी जिम्मेदारी
फिलहाल मरीज की ओर से लगाए गए आरोपों और सामने आए वीडियो के आधार पर पूरे मामले की जांच जरूरी है। जांच में यह स्पष्ट होगा कि घटना के समय क्या परिस्थितियां थीं और मारपीट के लिए कौन जिम्मेदार था। अस्पताल प्रशासन की कार्रवाई पर भी सबकी नजर रहेगी।

