सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो लोगों का ध्यान खींच रहा है। इसमें एक युवती अस्पताल के बेड पर लाल चुनरी ओढ़े लेटी दिखाई देती है, जबकि एक युवक उसके पास आकर उसकी मांग में सिंदूर भरता नजर आता है। वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि युवती सात साल तक कोमा में रही और युवक ने इतने लंबे समय तक उसका इंतजार किया। युवती के होश में आने के बाद दोनों ने अस्पताल में शादी कर ली। इस कहानी को देखकर लोग भावुक हो रहे हैं, लेकिन क्या यह वाकई सच्ची प्रेम कहानी है? आगे पढ़ें पूरी खबर।

अस्पताल के बेड पर युवती की मांग भरता दिखा युवक
वायरल वीडियो में एक युवती अस्पताल के बेड पर लेटी नजर आती है। उसके सिर पर लाल रंग की दुल्हन वाली चुनरी रखी हुई है। इसी दौरान एक युवक उसके पास आता है और उसकी मांग में सिंदूर भरता दिखाई देता है। वीडियो में युवती की आंखों में आंसू भी नजर आते हैं।
वीडियो के साथ साझा किए जा रहे दावे के मुताबिक, युवती सात साल तक कोमा में रही और इस दौरान युवक ने उसका साथ नहीं छोड़ा। दावा है कि युवती के होश में आने के बाद युवक ने अस्पताल में ही उससे शादी कर ली।
वीडियो देखकर भावुक हुए सोशल मीडिया यूजर्स
वीडियो सामने आने के बाद कई लोग इसे सच्चे प्यार और वफादारी की मिसाल बता रहे हैं। यूजर्स का कहना है कि मुश्किल समय में किसी का साथ निभाना ही रिश्ते की असली परीक्षा होती है।
कुछ लोग मजाकिया अंदाज में ऐसे पार्टनर मिलने की बात कर रहे हैं, तो कई यूजर्स ने इसे बेहद भावुक कर देने वाला पल बताया है।
क्या सच में सात साल तक कोमा में थी युवती?
इस कहानी का सबसे बड़ा सवाल यही है। वीडियो के साथ सात साल तक कोमा में रहने और प्रेमी के इंतजार करने का दावा किया जा रहा है, लेकिन इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
Asianet Newsable और Amar Ujala की रिपोर्टों में भी स्पष्ट किया गया है कि युवती की मेडिकल स्थिति, वीडियो की वास्तविक जगह और सात साल के इंतजार की कहानी की पुष्टि नहीं हो सकी है।
वीडियो में दिख रहे युवक-युवती कौन हैं?
कुछ मीडिया रिपोर्टों और फैक्ट चेक में वीडियो में दिखाई दे रहे युवक-युवती की पहचान कंटेंट क्रिएटर्स दिलीप कुमार पांडे और अनामिका सिंह के रूप में बताई गई है।
रिपोर्टों के मुताबिक, मूल वीडियो के साथ सात साल तक कोमा में रहने की कहानी नहीं थी। बाद में कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स ने वीडियो को एक भावुक कहानी के साथ साझा किया, जिसके बाद यह दावा तेजी से फैल गया।
इसलिए वीडियो में दिख रहे सिंदूर भरने के दृश्य को सात साल तक कोमा में रहने और उसके बाद शादी होने का प्रमाण नहीं माना जा सकता।
भावनात्मक वीडियो देखकर तुरंत न करें विश्वास
सोशल मीडिया पर कई बार किसी वीडियो के साथ ऐसी कहानी जोड़ दी जाती है, जो उसके वास्तविक संदर्भ से अलग होती है। इस मामले में भी वीडियो का भावुक दृश्य और उसके साथ किया गया दावा अलग-अलग हो सकते हैं।

