आज 8 नवंबर को देशभर में दीपावली का त्योहार मनाया जा रहा है। घरों में दीपक सज चुके हैं और मां लक्ष्मी तथा भगवान गणेश के स्वागत की तैयारियां पूरी हो रही हैं। लेकिन पूजा शुरू करने से पहले सही शुभ मुहूर्त जानना भी जरूरी है। खास बात यह है कि दिल्ली, मुंबई, जयपुर और कोलकाता समेत अलग-अलग शहरों में लक्ष्मी-गणेश पूजन का समय अलग-अलग रहेगा। आगे पढ़ें पूरी खबर।

दिल्ली में शाम 5:54 से 7:50 बजे तक शुभ मुहूर्त
दृक पंचांग के अनुसार, 8 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 54 मिनट से रात 7 बजकर 50 मिनट तक रहेगा। यानी श्रद्धालुओं को पूजा के लिए कुल 1 घंटा 56 मिनट का समय मिलेगा।
इस दौरान प्रदोष काल भी रहेगा, जिसे दीपावली पर लक्ष्मी पूजन के लिए विशेष शुभ माना जाता है।
आपके शहर में कब करें लक्ष्मी-गणेश पूजन?
दीपावली पर पूजा का शुभ समय स्थानीय सूर्यास्त और पंचांग की गणना के अनुसार बदलता है। प्रमुख शहरों में लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त इस प्रकार है:
– नई दिल्ली: शाम 5:54 से 7:50 बजे तक
– नोएडा: शाम 5:54 से 7:49 बजे तक
– गुरुग्राम: शाम 5:55 से 7:51 बजे तक
– चंडीगढ़: शाम 5:52 से 7:46 बजे तक
– जयपुर: शाम 6:03 से 7:59 बजे तक
– मुंबई: शाम 6:27 से 8:27 बजे तक
– पुणे: शाम 6:24 से 8:24 बजे तक
– अहमदाबाद: शाम 6:22 से 8:20 बजे तक
– कोलकाता: शाम 5:20 से 7:18 बजे तक
– चेन्नई: शाम 6:07 से 8:09 बजे तक
– बेंगलुरु: शाम 6:17 से 8:20 बजे तक
– हैदराबाद: शाम 6:07 से 8:08 बजे तक
कब शुरू और कब खत्म होगी अमावस्या तिथि?
पंचांग के अनुसार, नई दिल्ली में अमावस्या तिथि 8 नवंबर को सुबह 11 बजकर 27 मिनट पर शुरू हो चुकी है। इसका समापन 9 नवंबर को दोपहर 12 बजकर 31 मिनट पर होगा।
वहीं दिल्ली में प्रदोष काल शाम 5:31 बजे से रात 8:09 बजे तक रहेगा। इसी अवधि में लक्ष्मी पूजा का मुख्य शुभ मुहूर्त पड़ रहा है।
दिवाली पर क्यों होती है लक्ष्मी और गणेश की पूजा?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां लक्ष्मी को धन, वैभव और समृद्धि की देवी माना जाता है। दीपावली पर उनकी पूजा करके लोग घर-परिवार में सुख, शांति और खुशहाली की कामना करते हैं।
वहीं भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और शुभ कार्यों का आरंभ करने वाला देवता माना जाता है। इसी वजह से दीपावली पर मां लक्ष्मी के साथ भगवान गणेश की पूजा भी की जाती है।
पूजा से पहले इन बातों का रखें ध्यान
दीपावली पर पूजा की तैयारी करते समय घर और पूजा स्थल की साफ-सफाई करें। पूजा सामग्री पहले से तैयार रखें और अपने शहर के स्थानीय पंचांग के अनुसार शुभ समय का ध्यान रखें। अलग-अलग शहरों में मुहूर्त के समय में अंतर हो सकता है, इसलिए अपने स्थान के अनुसार समय देखना जरूरी है।

