रसोई में खाना बनाने के साथ-साथ कई लोग दवाइयां, खाली डिब्बे और सफाई का सामान भी रख देते हैं। लेकिन वास्तु शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार, किचन स्लैब पर रखी कुछ चीजों को अशुभ माना जाता है और इन्हें घर की सुख-समृद्धि से जोड़ा जाता है। कहीं आपकी रसोई में भी तो ये सामान नहीं रखा? जानिए किन 5 चीजों को लेकर वास्तु में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। आगे पढ़ें पूरी खबर।

रसोई को घर की समृद्धि से क्यों जोड़ते हैं?
वास्तु शास्त्र में रसोई को घर का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। यहां बनने वाला भोजन परिवार के पोषण से जुड़ा होता है। वास्तु की पारंपरिक मान्यताओं में रसोई की साफ-सफाई, दिशा और सामान रखने के तरीके को घर के सकारात्मक वातावरण और समृद्धि से जोड़ा जाता है।
इन्हीं मान्यताओं के अनुसार, किचन स्लैब पर कुछ वस्तुओं को रखने से बचने की सलाह दी जाती है। हालांकि, इन बातों का आर्थिक स्थिति या मां लक्ष्मी की कृपा पर असर पड़ने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
1. टूटे या दरार वाले बर्तन
वास्तु मान्यताओं के अनुसार, रसोई में टूटे-फूटे या दरार वाले बर्तन रखना शुभ नहीं माना जाता। इन्हें अव्यवस्था और अभाव का प्रतीक मानने की परंपरा है।
ऐसे बर्तनों को इस्तेमाल से हटाकर सुरक्षित तरीके से निपटाने और स्लैब को व्यवस्थित रखने की सलाह दी जाती है। व्यावहारिक रूप से भी टूटे बर्तनों से हाथ कटने का खतरा हो सकता है।
2. किचन स्लैब पर दवाइयां रखना
कई घरों में दवाइयां याद रखने के लिए उन्हें किचन स्लैब पर रख दिया जाता है। वास्तु की कुछ मान्यताओं में दवाइयों को भोजन बनाने वाली जगह से अलग रखने की सलाह दी जाती है।
स्वच्छता के लिहाज से भी दवाइयों को निर्धारित तापमान और सुरक्षित, सूखी जगह पर रखना बेहतर होता है। उन्हें बच्चों की पहुंच से दूर रखें और पैकेट पर लिखे निर्देशों का पालन करें।
3. चूल्हे के पास शीशा
वास्तु शास्त्र में रसोई को अग्नि तत्व से जोड़ा जाता है। कुछ मान्यताओं के अनुसार, चूल्हे के सामने या उसके पास शीशा लगाने से आग की लौ का प्रतिबिंब बन सकता है, जिसे वास्तु दोष से जोड़ा जाता है।
हालांकि, शीशे से आर्थिक नुकसान होने का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। रसोई में शीशा लगाते समय उसकी सुरक्षित स्थिति और गर्मी से दूरी का ध्यान रखना चाहिए।
4. स्लैब पर छोड़ देना सफाई का सामान
रसोई साफ करने के बाद कपड़े, ब्रश और सफाई के अन्य सामान को स्लैब पर छोड़ देना आम बात है। वास्तु मान्यताओं में अव्यवस्था और गंदगी को नकारात्मक वातावरण से जोड़ा जाता है।
सफाई के सामान को भोजन बनाने वाली सतह से दूर, अलग जगह पर रखना स्वच्छता के लिहाज से भी उपयोगी है। खासकर रासायनिक क्लीनर को खाने-पीने की चीजों से अलग रखें।
5. खाली अनाज और मसालों के डिब्बे
आटा, चावल, दाल और मसालों के डिब्बे रसोई में रोज इस्तेमाल होते हैं। सामान खत्म होने के बाद कई लोग खाली डिब्बों को स्लैब पर ही छोड़ देते हैं।
वास्तु की मान्यताओं में अनाज को भरपूर संसाधनों और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इसलिए खाली डिब्बों को लंबे समय तक जमा न करने की सलाह दी जाती है। व्यावहारिक तौर पर भी खाली कंटेनर हटाने से रसोई व्यवस्थित रहती है और नए सामान के लिए जगह बनती है।
रसोई को साफ और व्यवस्थित रखने के आसान तरीके
– इस्तेमाल के बाद स्लैब को साफ करें और अनावश्यक सामान हटा दें।
– टूटे बर्तन और खाली कंटेनर जमा न होने दें।
– दवाइयां और सफाई के रसायन भोजन से अलग रखें।
– चूल्हे के आसपास सुरक्षित दूरी और पर्याप्त जगह बनाए रखें।

