लखनऊ के शिवा शर्मा हत्याकांड की जांच अब एक नए नाम तक पहुंच गई है। मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे के करीबी बताए जा रहे जुल्फिकार खान उर्फ जुल्फी की भूमिका की पुलिस पड़ताल कर रही है। जांच में दोनों के पुराने संपर्क, कथित ब्लैकमेलिंग नेटवर्क और श्रद्धा की फरारी में मदद किए जाने जैसे पहलुओं को शामिल किया गया है। आखिर कौन है जुल्फी, जिसका नाम इस चर्चित मामले में सामने आया है? आगे पढ़ें पूरी खबर।

तीन साल पहले क्लब में हुई थी श्रद्धा और जुल्फी की मुलाकात
जांच से जुड़े विवरणों के मुताबिक, श्रद्धा दुबे और जुल्फिकार खान उर्फ जुल्फी की मुलाकात करीब तीन साल पहले एक हाई-प्रोफाइल क्लब में हुई थी। जुल्फी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के खेतासराय का रहने वाला बताया जा रहा है। वह पिछले करीब 15 साल से लखनऊ में रह रहा है।
पुलिस अब दोनों के संपर्कों और आपसी संबंधों की पड़ताल कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि शिवा शर्मा की मौत से पहले और बाद में जुल्फी की क्या भूमिका रही।
रईस लोगों को ब्लैकमेल करने के नेटवर्क का आरोप
जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या श्रद्धा और जुल्फी किसी ऐसे नेटवर्क से जुड़े थे, जिसमें प्रभावशाली और आर्थिक रूप से संपन्न लोगों को निशाना बनाया जाता था। आरोप है कि लोगों के निजी पलों की गुप्त रिकॉर्डिंग कर उन्हें सार्वजनिक करने की धमकी दी जाती थी और बदले में रकम मांगी जाती थी।
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, जुल्फी पर बड़े नेताओं से करीबी का दावा करके युवाओं से नौकरी और ठेके दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने के आरोप भी लगे हैं। हालांकि, कथित ब्लैकमेलिंग नेटवर्क में दोनों की भूमिका और आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
जौनपुर से जुड़ा है जुल्फी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड
जुल्फिकार खान का नाम पहले भी कई आपराधिक मामलों में सामने आ चुका है। रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 15 साल पहले एक कपड़ा कारोबारी पर हमले के मामले में उसे अदालत से सजा हो चुकी है।
इसके अलावा सितंबर 2024 में अबू सलेम के नाम पर व्यापारियों से रंगदारी मांगने और धमकी देने के मामले में भी उसका नाम सामने आया था। जनवरी 2021 में दो लोगों की हत्या की सुपारी देने के आरोप से जुड़े मामले में भी जुल्फी का नाम चर्चा में आया था।
इन पुराने मामलों और कथित संपर्कों को लेकर पुलिस अब उसके नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।
श्रद्धा के वीडियो ने बढ़ाई जांच की हलचल
जांच के दौरान एक वीडियो सामने आया है, जिसमें श्रद्धा दुबे जुल्फी की गोद में लेटी नजर आती है। इस वीडियो के सामने आने के बाद दोनों के संबंधों को लेकर सवाल उठे हैं। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि श्रद्धा को जौनपुर ले जाकर किन प्रभावशाली लोगों से मिलवाया गया था।
वीडियो में साथ दिखाई देना अपने आप में किसी आपराधिक गतिविधि का प्रमाण नहीं है। पुलिस इसकी परिस्थितियों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है।
शिवा शर्मा की मौत के बाद जुल्फी की भूमिका की जांच
लखनऊ के अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने के बाद 9 अक्टूबर को रेस्टोरेंट कारोबारी शिवा शर्मा की मौत हो गई थी। इस मामले में श्रद्धा दुबे मुख्य आरोपी है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या शिवा को कथित ब्लैकमेलिंग नेटवर्क के तहत निशाना बनाया जा रहा था।
एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू श्रद्धा की फरारी से जुड़ा है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या जुल्फी ने श्रद्धा को ठिकाना बदलने या नागपुर पहुंचने में किसी तरह की मदद की थी। इस संबंध में उसके संपर्कों और कॉल डिटेल की पड़ताल की जा रही है।
साइबर और क्राइम ब्रांच जुटा रही जानकारी
पुलिस की साइबर और क्राइम ब्रांच टीमें जुल्फी के लखनऊ और जौनपुर से जुड़े संपर्कों, कॉल रिकॉर्ड और कथित आपराधिक नेटवर्क की जानकारी जुटा रही हैं। जांच का उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि श्रद्धा और जुल्फी के बीच संबंध किस प्रकृति के थे और शिवा शर्मा हत्याकांड में जुल्फी की कोई भूमिका थी या नहीं।
फिलहाल पुलिस की जांच में कई पहलुओं को खंगाला जा रहा है। जुल्फी के कथित नेटवर्क, श्रद्धा से उसके संबंधों और शिवा शर्मा की मौत से जुड़े सवालों का अंतिम जवाब जांच और सामने आने वाले साक्ष्यों से ही मिलेगा।

