अग्निपथ योजना के तहत सेना में भर्ती हुए हजारों अग्निवीरों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। अब चार साल की सेवा पूरी होने के बाद नियमित कैडर में जगह नहीं मिलने पर भी उनके पास दो साल और सेवा करने का विकल्प हो सकता है। यानी शुरुआती चार साल के बाद कुल छह साल तक सेना में रहने का रास्ता खुल सकता है। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि के ऐलान के बाद अग्निवीरों की सेवा व्यवस्था में बदलाव की चर्चा तेज हो गई है। आखिर इस फैसले का लाभ किसे मिलेगा और भर्ती प्रक्रिया में क्या बदलाव होगा? आगे पढ़ें पूरी खबर।

4 साल के बाद 2 साल और सेवा का विकल्प
अग्निवीरों की सेवा अवधि को लेकर सामने आई नई व्यवस्था के तहत नियमित कैडर में चयनित नहीं होने वाले अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त सेवा अवसर देने की बात कही गई है।
इस प्रस्ताव के अनुसार, अग्निवीर अपनी शुरुआती चार साल की सेवा पूरी करने के बाद दो साल और सशस्त्र बलों में काम कर सकेंगे। इस तरह उनकी कुल सेवा अवधि छह साल तक हो सकती है। यह विकल्प स्वैच्छिक होगा, यानी अग्निवीरों को इसके लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।
पहले बैच के 18,300 अग्निवीरों पर खास नजर
अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए पहले बैच के करीब 18,300 अग्निवीरों का चार साल का कार्यकाल दिसंबर 2026 तक पूरा होने की जानकारी सामने आई है।
ऐसे समय में अतिरिक्त सेवा का विकल्प उनके लिए अहम हो सकता है। जिन अग्निवीरों को नियमित कैडर में जगह नहीं मिलती, उन्हें इस व्यवस्था के जरिए सैन्य सेवा का अनुभव बढ़ाने का अवसर मिल सकता है।
नियमित भर्ती की प्रक्रिया में भी बदलाव
अग्निवीरों को नियमित कैडर में शामिल करने की प्रक्रिया में भी बदलाव की जानकारी दी गई है। नई व्यवस्था के तहत पहले लिखित परीक्षा और उसके बाद शारीरिक परीक्षा आयोजित किए जाने की बात कही गई है।
इसके अलावा अग्निवीरों को सेवा के दौरान हासिल किए गए कौशल के आधार पर स्किल सर्टिफिकेट दिए जाएंगे। इससे उन्हें सैन्य सेवा के बाद दूसरे क्षेत्रों में रोजगार के अवसर तलाशने में भी मदद मिल सकती है।
क्या है अग्निपथ योजना का मौजूदा नियम?
केंद्र सरकार ने वर्ष 2022 में अग्निपथ योजना शुरू की थी। इसके तहत थल सेना, नौसेना और वायु सेना में अग्निवीरों की भर्ती चार साल के लिए की जाती है।
मौजूदा नियमों के अनुसार, प्रत्येक बैच के अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को प्रदर्शन, योग्यता और सेना की जरूरतों के आधार पर नियमित कैडर में शामिल किया जा सकता है। नियमित सेवा में चयनित जवान आगे 15 साल तक सेवा कर सकते हैं।
वहीं, बाकी अग्निवीरों को चार साल का कार्यकाल पूरा होने पर सेवा निधि पैकेज और कौशल प्रमाणपत्र के साथ सेवा से मुक्त किया जाता है।
अग्निवीरों और सेना दोनों के लिए क्यों अहम है फैसला?
दो साल का अतिरिक्त सेवा विकल्प मिलने से अग्निवीरों को सैन्य प्रशिक्षण और अनुभव हासिल करने के लिए ज्यादा समय मिल सकता है। दूसरी ओर, सेना को भी पहले से प्रशिक्षित जवानों की सेवाएं अतिरिक्त अवधि तक मिल सकेंगी।
हालांकि, इस व्यवस्था की पात्रता, चयन प्रक्रिया और सेवा से जुड़ी शर्तों का पूरा विवरण आधिकारिक दिशा-निर्देशों से स्पष्ट होगा। इसलिए अग्निवीरों को अंतिम नियमों और संबंधित सैन्य विभाग की सूचना पर नजर रखनी चाहिए

