टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) के रिपोर्ट के मुताबिक, साइबर इन्टेलिजेन्स कंपनी ALIBI GLOBAL नामक कंपनी द्वारा रूटीन मॉनिटरिंग के दौरान कथित तौर पर DRDO और सेना से जुड़े डेटा को 8000 हजार डॉलर में बेचने का दावा किया जा रहा है |
रिपोर्ट्स की माने तो लगभग 31 gb का यह डेटा पिछले कुछ दिनों से डार्क वेब पर मौजूद है,DRDO की तरफ से सत्यता की पुष्टि की जा रही है| आए दिन डार्क वेब पर डेटा लीक की खबर घबराने वाली है|
आखिर डेटा लीक होने से क्या नुकसान ?
डेटा लीक के नुकसान को जानने से पहले हम जान लेते है कि आखिर डेटा लीक का मतलब क्या होता है?
डेटा लीक का मतलब है जब कोई सेन्सिटिव विडिओ या दस्तावेज़ गलत तरीके से कुछ गलत हाथों पर पहुँच जाते है उससे डेटा लीक की श्रेणी में रखा जाता है |
DRDO ने की डेटा लीक पर क्या कहा ?
इस दावा के सामने आने के बाद जब DRDO से इस विषय पर बात की गई तो उन्होंने रिपोर्ट की प्रामाणिकता की जांच करने की बात कही |
आखिर DRDO क्या है ?
डिफेन्स रिसर्च एण्ड डेवलपमेंट (DRDO) भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत आने वाला एक प्रमुख रिसर्च एण्ड विकास संगठन है |रक्षा मंत्रालय के अदीन आने वाले DRDO की स्थापना 1958 में की गई थी, जिसका मुख्यालय भारत की राजधानी नई दिल्ली में है

