Zambia Supreme Court की नई महिला जज के रूप में भारतीय मूल की आभा नायर को कार्यभार सभालने का अवसर मिला है | आभा नायर अब जस्टिस के रूप में जानी जाएंगी | जानिए जस्टिस आभा नायर के बारे में कुछ महत्वपूर्ण बातें |
आखिर कौन है जस्टिस आभा नायर ?
Zambia Supreme Court की जस्टिस आभा नायर जिन्होंने जज के रूप में अपने कार्यभार को संभाल रही है, वह भारत के राजधानी दिल्ली से संबंध रखती है। 7 साल में उन्होंने अपने माता पिता के साथ भारत छोड़ दिया था, ज़ाम्बिया और इंग्लैंड से वकालत की पढ़ाई पूरी करने के बाद वे अभी ज़ाम्बिया सुप्रीम कोर्ट में जज के रूप में अपनी सेवा प्रदान कर रही है | 1973 में उनके माता पिता ने रोजगार के अवसर के तलाश में ज़ाम्बिया में शरण ली थी |
भारतीय Supreme Court में भी हो रही आभा नायर की चर्चा !
ज़ाम्बिया के साथ साथ साथ भारतीय सुप्रीम कोर्ट में भी चर्चा का विषय बन चुकी है आभा नायर, Supreme Court के प्रोग्राम में शामिल होने आई थी आभा नायर| Times Of India के एक रिपोर्ट के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ऐड्वकेट ऑन रेकॉर्ड्स एसोसिएशन (SCAORA) की एक खास लेक्चर को अटेन्ड करने आई थी जस्टिस आभा नायर|
कैसा रहा आभा नायर का वकालत का सफर ?
जस्टिस आभा ने ज़ाम्बिया और इंग्लैंड से वकालत की पढ़ाई करने के बाद 2019 में ज़ाम्बिया के एक हाई कोर्ट में जज के रूप में कार्यभार को संभाला, उसके बाद 2023 में उन्हे कोर्ट ऑफ अपील में जज के रूप में सेवा प्रदान करने के रूप में अवसर मिला| अभी 27 may 2026 को उन्होंने ज़ाम्बिया सुप्रीम कोर्ट में पहली महिला जज के रूप में अपने कार्यभार को संभाला है|
आखिर भारत के बारे मीन क्या कहा ?
ndtv के रिपोर्ट के मुताबिक जस्टिस आभा नायर ने भारत के बारे में टिपण्णी की उन्होंने कहा कि ” भारत छोड़े हुए कई दशक हो चुके है, लेकिन देश हमारे दिलों से कभी अलग नहीं हो सकता,उन्होंने आगे कहा कि दुनिया के किसी भी कोने में रहने वाले भारतीय अपनी भाषा,खान- पान और संस्कृति को जिंदा रखते है

