दिल्ली-NCR समेत कई इलाकों में हवा की गुणवत्ता खराब होने के साथ लोगों को खांसी, गले में खराश और सांस लेने में परेशानी जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। प्रदूषित हवा में मौजूद बारीक कण सांस के जरिए फेफड़ों तक पहुंचकर जलन और सूजन पैदा कर सकते हैं। ऐसे में सिर्फ खांसी की दवा लेना ही काफी नहीं, बल्कि प्रदूषण के संपर्क को कम करना भी जरूरी है। डॉक्टरों के मुताबिक, कुछ आसान सावधानियां अपनाकर परेशानी का जोखिम कम किया जा सकता है। आगे पढ़ें पूरी खबर।

प्रदूषण के कारण क्यों आती है बार-बार खांसी?
हवा में मौजूद धूल और बारीक प्रदूषक कण सांस के साथ शरीर में प्रवेश कर सकते हैं। ये श्वसन नलियों में जलन और सूजन पैदा कर सकते हैं, जिससे सूखी खांसी, गले में खराश और सांस लेने में परेशानी महसूस हो सकती है।
जिन लोगों को पहले से अस्थमा या फेफड़ों से जुड़ी बीमारी है, उनकी परेशानी बढ़ सकती है। हालांकि, हर खांसी का कारण प्रदूषण ही हो, यह जरूरी नहीं है। संक्रमण और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी इसकी वजह हो सकती हैं।
प्रदूषण से होने वाली खांसी से बचने के 5 तरीके
1. खराब AQI में बाहर निकलने से बचें
बाहर जाने से पहले अपने इलाके का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) जांचें। प्रदूषण का स्तर ज्यादा होने पर गैर-जरूरी बाहर निकलने और खुले में तेज व्यायाम करने से बचें। इससे प्रदूषित हवा के संपर्क में आने का समय कम किया जा सकता है।
2. बाहर जाते समय N95 मास्क पहनें
अगर बाहर जाना जरूरी हो, तो चेहरे पर अच्छी तरह फिट होने वाला N95 मास्क पहनें। यह हवा में मौजूद कई बारीक कणों को सांस के जरिए अंदर जाने से रोकने में मदद कर सकता है। मास्क का सही तरीके से फिट होना जरूरी है।
3. घर के अंदर की हवा साफ रखें
प्रदूषण घर के अंदर भी पहुंच सकता है। बाहर की हवा खराब होने पर खिड़कियां बंद रखें। यदि संभव हो, तो कमरे के आकार के अनुसार HEPA फिल्टर वाला एयर प्यूरीफायर इस्तेमाल करें। घर में धूम्रपान, अगरबत्ती और अन्य धुआं पैदा करने वाली चीजों का इस्तेमाल कम करें।
4. पर्याप्त पानी पिएं
दिनभर पर्याप्त पानी पीने से गले को आराम मिल सकता है। गर्म पानी या अन्य गर्म पेय गले की जलन में राहत दे सकते हैं। एक वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों और वयस्कों को खांसी में शहद से भी कुछ राहत मिल सकती है। एक वर्ष से कम उम्र के बच्चों को शहद बिल्कुल न दें।
5. खांसी लंबे समय तक रहे तो डॉक्टर से सलाह लें
यदि खांसी लगातार बनी हुई है, बढ़ रही है या उसके साथ घरघराहट और सांस फूलने जैसी समस्या हो रही है, तो डॉक्टर से सलाह लें। अपनी मर्जी से एंटीबायोटिक या दूसरी दवाएं लेना उचित नहीं है।
इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें
खांसी के साथ सांस लेने में गंभीर परेशानी, सीने में तेज दर्द, खून आना या होंठ नीले पड़ने जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें। ऐसे संकेतों में घरेलू उपायों के भरोसे इंतजार नहीं करना चाहिए।
क्या बिना खांसी के भी प्रदूषण नुकसान पहुंचा सकता है?
हां। प्रदूषण का असर हर व्यक्ति में एक जैसा नहीं दिखता। कुछ लोगों को खांसी या गले में जलन महसूस हो सकती है, जबकि दूसरे लोगों में तत्काल कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखते। इसके बावजूद प्रदूषित हवा के बारीक कण फेफड़ों को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए AQI खराब होने पर लक्षण न होने के बावजूद सावधानी बरतना जरूरी है।

