20 जुलाई को CJP के महत्वपूर्ण सदस्य विजेता दहिया को पार्टी के आधिकारिक पदों से हटाने का फैसला लिया, बता दे कि विजेता दहिया प्रोटेस्ट के शुरुवाती समय से ही सक्रिय थे परंतु बर्गर खाने वाले विडिओ वायरल होने के बाद ऐसा निर्णय लिया गया |
“बलि का बकरा बनाया गया” आखिर ऐसा क्यों कहा विजेता दहिया ने ?
विजेता दहिया ने पार्टी से बाहर निकले जाने के बाद अपने सोशल मीडिया हैन्डल से एक विडिओ जारी की जिसमे उन्होंने अपने ही पार्टी के लोगों द्वारा उन्हे “बलि का बकरा” बनाए जाने की बात कही |विजेता दहिया ने अपने वीडियो में बताया कि जब वे प्रोटेस्ट के लिए तैयार होकर घर से निकल रहे थे तभी उनके पास CJP पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके का फोन आया फोन पर अभिजीत दीपके के साथ आशुतोष रांका भी थे और उन्होंने विजेता दहिया को प्रोटेस्ट में आने से मन कर दिया |
आखिर क्या है “दीपके की कचौड़ी खाने” वाली बात ?
विजेता दहिया आगे अपने विडिओ में कहते है कि सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग तो अभिजीत दीपके के कचौड़ी खाने को लेकर भी हुई थी परंतु उनपर कोई एक्शन नहीं लिया गया, विजेता दहिया ने आगे बताया कि कचौड़ी खाने वाले बात को लेकर विजेता दहिया ने अभिजीत दीपके का समर्थन भी किया |
आखिर कौन है विजेता दहिया ?
प्रोटेस्ट के शुरुवाती समय से ही विजेता दहिया CJP से जुड़े रहे, CJP ने उन्हे अपने पार्टी का प्रवक्ता भी नियुक्त किया और राजनीतिक रिसर्चर के रूप में भी रखा, विजेता दहिया ने सोशल मीडिया के विभिन्न बड़े इन्फ़्लुएनसर एवम कंटेन्ट क्रेयटोरों के लिए भी एक कंटेन्ट राइटर के रूप में कार्य किया है,विजेता दहिया ने दो बेस्ट सेलिंग किताबें लिखी हैं, ‘पावर ऑफ यूनिवर्स’ और ‘टू हेल विद दैट जॉब’,इसके साथ ही उन्होंने न्होंने हरियाणवी फिल्में ‘दरारें’, और ‘ओपरी पराई’ लिखी और डायरेक्ट की है|

